भोपाल। मध्‍य प्रदेश के 12 जि‍लों में रविवार का लॉकडाउन बरकरार रहेगा। मुख्यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान की आज मिंटो हाल परिसर के अस्थायी सभा कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा मंत्रि-परिषद के सदस्यों से चर्चा के दौरान यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने मंत्रि-परिषद सदस्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। बैठक में जानकारी दी गई कि संडे लॉकडाउन भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, विदिशा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बड़वानी, बैतूल, खरगोन और रतलाम में यथावत रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण को रोकने का सरल उपाय है लॉकडाउन लेकिन लॉकडाउन हमारी अर्थ-व्यवस्था को ध्वस्त कर देगा। यह लोगों के रोजगार छीन लेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मैं लॉकडाउन को सही नहीं मानता। सीमित लॉकडाउन तक बात ठीक है, स्थायी लॉकडाउन संक्रमण रोकने का समाधान नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना के संक्रमण को थामने के हर संभव प्रयास होंगे। मध्यप्रदेश सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। प्रदेश में मंत्रियों को विभिन्न जिलों में कोरोना संक्रमण के प्रयासों की समीक्षा का दायित्व सौंपा जा रहा है। मंत्रियों से प्राप्त सुझावों पर अमल भी किया जायेगा। निजी अस्पतालों में रोगियों के लिए व्यवस्थाएंं बढ़ाई जायेंगी। विभिन्न तरह की जांचों के लिए दरों का निर्धारण किया जा रहा है। कैबिनेट में विशेष रूप से कोरोना संक्रमण के नियंत्रण संबंधी चर्चा के लिए की गई। चौहान ने कहा कि गत सप्ताह कोरोना की विभिन्न तरह की टेस्टिंग की दरों को निर्धारित किया गया है। अन्य मशीनों जैसे वेंटिलेटर के उपयोग और पैथोलॉजिकल जांचों की दरें निर्धारित करने का कदम उठाया जा रहा है। आमजन को नई दरों से अवगत करवाया जाएगा। शाजापुर में संक्रमण रोकने के प्रयास बढ़ाए जाएंगे और राजधानी से दल भी भेजा जाएगा। भोपाल में निजी क्षेत्र में नवीन कोविड केयर सेंटर बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। आवश्यकता हुई तो अन्य निजी अस्पतालों में भी व्यवस्थाएंं बढ़ाई जायेंगी। निर्धन तबके के रोगियों को आयुष्मान योजना में उपचार की सुविधा देकर लाभान्वित किया जाएगा। बताया गया कि भारत सरकार से इस सप्ताह प्रदेश को 350 वेंटिलेटर प्राप्त हो रहे हैं। वर्तमान बेड क्षमता 24 हजार है जिसे बढ़ाकर इसी सप्ताह 36 हजार कर दिया जाएगा।कडाउन को सही नहीं मानता। सीमित लॉकडाउन तक बात ठीक है, स्थायी लॉकडाउन संक्रमण रोकने का समाधान नहीं है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को जानकारी दी कि कोरोना संक्रमण को समाप्त करने में हर व्यक्ति की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आज से प्रदेश में ‘मैं कोरोना वॉलेंटियर हूं’ अभियान प्रारंभ किया गया है। कोई भी व्यक्ति 181नंबर पर संपर्क कर अथवा https://mp. mygov.in/ वेबसाइट पर कोरोना वॉलेंटियर के रूप में अपना पंजीयन करवा सकता है। सभी विभिन्न तरह के कार्य करेंगे। कोरोना स्वयं-सेवक लोगों को मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग रखने, वैक्सीनेशन करवाने आदि के लिए प्रेरित करेंगे तथा इस कार्य में उनकी मदद भी करेंगे। प्रदेश के नगरों का पॉजिटिविटी रेट : बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में सर्वाधिक पॉजिटिविटी रेट 20% भोपाल में है। इसके अलावा इंदौर, बड़वानी, नरसिंहपुर और खरगोन में 15%-15%, रतलाम में 14%, बैतूल में 13%, जबलपुर में 12% और ग्वालियर और उज्जैन में 9% पॉजिटिविटी रेट है। प्रदेश के कुल कोरोना संक्रमित रोगियों में से 61% रोगी होम आईसोलेशन में हैं, और 39% रोगी अस्पतालों में भर्ती हैं। वैक्सीनेशन कार्य : प्रदेश में वर्तमान में वैक्सीनेशन कार्य में तेजी लाई गई है। गत 1 अप्रैल को सर्वाधिक 3 लाख 79 हजार 320 लोगों का वैक्सीनेशन हुआ है। अब तक लगभग 45 लाख नागरिक वैक्सीनेशन करवा चुके हैं। प्रदेश में 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक लगभग 71 लाख है, जिनमें से 21 लाख व्यक्ति वैक्सीन लगवा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग का प्रेजेंटेशन : अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान ने मंत्रियों के समक्ष दिए गए प्रेजेंटेशन में बताया कि संक्रमण को रोकने के लिए जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। रेस्टोरेंट्स आदि से सिर्फ टेक अवे सुविधा उपलब्ध है। बड़े आयोजन और मेले आदि प्रतिबंधित हैं। शिक्षण संस्थाओं को भी 15 अप्रैल तक खोले जाने पर प्रतिबंध है। महाराष्ट्र से परिवहन पर भी प्रतिबंध है। प्रदेश में 720 फीवर क्लीनिक कार्य कर रही हैं। किल कोरोना अभियान के द्वितीय चरण को प्रारंभ करने की तैयारी भी की गई है। कोरोना की जांच के लिए आरटी-पीसीआर और आर. ए. टी. पद्धतियों से जाँच शुल्क क्रमशः 700 और 300 रुपए करने के आदेश जारी हो गए हैं। घर से सैंपल लिए जाने पर 200 रुपए की राशि अतिरिक्त रूप से लगेगी। अस्पतालों में बिस्तर क्षमता में निरंतर वृद्धि की जा रही है।

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