भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को प्रदेश के मैदानी अफसरों को सख्त हिदायत दी है। शिवराज ने सोमवार को कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में कहा- जिन अफसरों ने PM आवास योजना में पैसे लिए हैं, उन्हें छोड़ूंगा नहीं। हाल ही में रैगांव में जनदर्शन यात्रा के दौरान मुझे शिकायत मिली थी। मैंने जिम्मेदार अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। अब उन पर जांच भी बैठा दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं औचक निरीक्षण करूंगा। अफसर ध्यान रखें और जनता के काम हाथ जोड़कर करें। आप नोट कर लीजिए- जरूरतमंद लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। सुराज का मतलब है- बिना लिए दिए जरूरतमंदों को लाभ मिल जाए। इसे सभी दिमाग में बैठा लें। उन्होंने कहा कि अब जनभागीदारी से सरकार चलेगी। खराब परफॉर्मेंस वाली पुलिस अधीक्षकों पर भी बरसे। मुख्यमंत्री ने वैक्सीनेशन अभियान को लेकर अफसरों की तारीफ भी की।
21 सितंबर से हर हाल में शुरू की जाए जनसुनवाई
उन्होंने कहा कि 1 से 15 नवंबर को रेवेन्यू को लेकर राजस्व अभिलेखों का शुद्धिकरण का कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार अब सीएम हेल्पलाइन की भी अब हर महीने मॉनिटरिंग करेगी। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि 21 सितंबर से हर हाल में जनसुनवाई शुरू कर दी जाए। इसके साथ ही कलेक्टर-कमिश्नर व अन्य अफसर भी आम लोगों से सीधे संवाद करें और उनकी समस्याओं का निराकरण करें।
खराब परफार्मेंस वाले पुलिस अधीक्षकों को लगाई फटकार
सीएम कॉन्फ्रेंस में खराब परफॉर्मेंस वाली पुलिस अधीक्षकों पर भी बरसे। गुंडों-अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने पर फटकार लगाई। दमोह एसपी डीआर तेनिवार से कहा, आप सिस्टम सुधारें, ऐसे नहीं चलेगा। दमोह की रैंकिंग प्रदेश में सबसे पीछे 52 वें नंबर पर। नीमच एसपी सूरज कुमार वर्मा से कहा- तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई धीमे क्यों है? क्या कर रहे हैं जिले में? फिलहाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान वर्जुअली कलेक्टर-कमिश्नर, IG और SP के साथ कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। करीब 5 महीने बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह कॉन्फ्रेंस हो रही है। माफिया के खिलाफ एक्शन और कानून व्यवस्था पर चर्चा होगी। वहीं, मुख्यमंत्री ने सोमवार को ही देर शाम कैबिनेट की बैठक भी बुलाई है। इसमें जनकल्याण और सुराज अभियान में सक्रिय भागीदारी के निर्देश मंत्री को दिए जाएंगे। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को माफिया के खिलाफ इंदौर मॉडल का अनुसरण करते हुए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस पर कितना अमल हुआ, इस पर हर जिले की जानकारी ली जाएगी। कॉन्फ्रेंस के दौरान कलेक्टर अपने जिले में किए गए ऐसे काम का प्रजेंटेशन करेंगे। CM ने निर्देश दिए थे कि हर जिले में एक स्थान का चयन किया जाए, जहां अफसर-जनप्रतिनिधि जन्मदिन पर पौधरोपण करें। इसकी जानकारी भी कलेक्टरों से ली जाएगी। बैठक में अन्न योजना, खाद-बीज की स्थिति, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना सहित अन्य योजनाओं की जिलेवार समीक्षा होगी। इस दौरान कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर जिलों में उठाए गए कदमों के साथ ऑक्सीजन संयंत्र की स्थापना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं पर अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। पुलिस अधिकारियों से अनुसूचित जनजाति वर्ग के मामलों सहित कानून व्यवस्था की स्थिति पर जानकारी ली जाएगी। बैठक में अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन से प्रारंभ हुए जनकल्याण से सुराज अभियान के दौरान प्रस्तावित कार्यक्रमों को लेकर निर्देश दिए जा सकते हैं।

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