लुप्थांसा, सिंगापुर एयरलाइन्स, कतर एयरवेज और एमिरेट्स जैसी विदेशी विमान कंपनियां पहले से फ्लाइट में मोबाइल इंटरनेट की सुविधा देती रही हैं.

भारतीय एयर स्पेस में अब 9850 फीट से ऊपर Wifi का इस्तेमाल किया जा सकता है. टेलीकॉम मंत्रालय ने विमानों में इनफ्लाइट कनेक्टिविटी के लिए नियम जारी कर दिए हैं. ट्राई ने पहले ही इनफ्लाइट कनेक्टिविटी के लिए मंजूरी दे दी थी. हालांकि, इस दौरान फोन फ्लाइट मोड में ही रखना होगा.

टेलीकॉम मंत्रालय की ओर ने नियम जारी करने के बाद अब सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकती हैं. आपको बता दें कि लुप्थांसा, सिंगापुर एयरलाइन्स, कतर एयरवेज और एमिरेट्स जैसी विदेशी विमान कंपनियां पहले से फ्लाइट मेंमोबाइल इंटरनेट की सुविधा देती हैं. लेकिन भारतीय एयरस्पेस में आते ही इन्हें अपनी सर्विस बंद करना पड़ता था.

भारतीय कंपनियों में स्पाइसजेट का कहना है कि Boeing 737 Max सैटकॉम सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट सेवा देने में सक्षम हैं, ऐसे में इस विमान में ग्राहकों को जल्द ही वाईफाई की सुविधा मिल सकती है.

फ्लाइट में सुरक्षा कारणों की वजह से मोबाइल फोन को फ्लाइट मोड में रखने के लिए कहा जाता है. हालांकि, इंटरनेट के इस्तेमाल के लिए ग्राहक लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. फ्लाइट में इंटरनेट की सेवा शुरू होने के बाद आम आदमी या बिजनेसमैन को सफर के दौरान इंटरनेट से दूर रहना नहीं पड़ेगा.

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