नई दिल्ली। जम्मू और कश्मीर के दो दिवसीय दौरे से लौटे विदेशी राजदूतों एक एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से मुलाकात की। जर्मनी, फ्रांस और अफगानिस्तान सहित 25 देशों के राजदूतों ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के छह महीने बाद जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए नवगठित केंद्र शासित प्रदेश के दौरा किया।जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के छह महीने बाद राजनयिकों का यह दल राज्य के जमीनी हालात का जायजा लेने गया था। राजनयिकों ने भारत सरकार की तरफ से राज्य में सामान्य हालात बहाल करने के लिए उठाए गए कदमों पर संतोष जताया है। यह यह माना है कि राज्य में सामान्य जिंदगी पटरी पर लौट आई है। अजित डोभाल से मुलाकात के बाद जर्मन राजदूत वॉल्टर जे. लिंडर ने कहा कि हमने जम्मू-कश्मीर दौरे के अपने अनुभवों को साझा किया है। यह एक अच्छी बैठक थी। वहीं, अफगानिस्तान के राजदूत ताहिर कादरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर दौरे पर मेरा अनुभव अच्छा रहा।
कश्मीर में भारत के कदम को सराहा
पिछले महीने भी सरकार ने 15 राजनयिकों को जम्मू-कश्मीर भेजा था। उस समय यूरोपीय संघ के देशों ने अपने राजनयिक नहीं भेजे थे। विदेशी मामलों व सुरक्षा नीति पर ईयू के प्रवक्ता वर्जिनी बट्टू-हेनरिकसन ने कहा, ‘दौरे ने पुष्टि की है कि भारत सरकार ने सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सकारात्मक कदम उठाए हैं। कुछ प्रतिबंध खासकर इंटरनेट एक्सेस और मोबाइल सेवाओं पर बने हुए हैं और कुछ राजनीतिक नेता हिरासत में हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम सुरक्षा की गभीर चुनौतियों को मानते हैं, लेकिन पाबंदियों को हटाना भी अहम है। राजनयिकों के दौरे से जम्मू-कश्मीर के जमीनी हालात के बारे में जानने और वहां के लोगों से बातचीत करने का बेहतर मौका मिला। हम क्षेत्रीय हालात पर भारत के साथ संवाद जारी रखने को लेकर उत्साहित हैं।’
पाकिस्तान के दुष्प्रचार का खुलासा
इन राजनयिकों के बयान से कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का दुष्प्रचार एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है। पिछले साल पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटा दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख। उसके बाद से ही पाकिस्तान कश्मीर को लेकर दुष्प्रचार में जुटा है।
इन देशों के राजनयिक थे शामिल
दूसरे दौरे में 25 देशों के राजनयिकों ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। इन देशों में अफगानिस्तान, ऑस्टि्रया, बुल्गारिया, कनाडा, चेक रिपब्लिक, डेनमार्क, डोमिनिक रिपब्लिक, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, गिनी, हंगरी, इटली, केन्या, किर्गिस्तान, मेक्सिको, नामिबिया, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, पोलैंड, रवांडा, स्लोवाकिया, ताजिकिस्तान, यूगांडा और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।

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