नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन की मौजूदा स्थिति में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ा फैसला किया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने घोषणा की कि फाइनल ईयर या अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षाएं जुलाई में आयोजित की जाएंगी, जैसा की यूजीसी ने घोषणा की है। यदि कुछ स्थानों पर स्थिति में सुधार नहीं होता तो ये परीक्षाएं बाद में आयोजित की जाएंगी। वहीं अन्य कक्षाओं के स्टूडेंट्स को प्रमोट किया जाएगा। इनके प्रमोशन का आधार पुराना एकेडमिक रिकॉर्ड रहेगा। यानि इन बच्चों को इंटरनल असेसमेंट के आधार पर प्रमोशन दिया जाएगा। उन्होंने इसे चुनौती को अवसर में बदलने वाला समय बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार है और जल्द ही इसे संसद से पास कराकर लागू किया जाएगा। बता दें कि HRD मंत्री डॉ. निशंक ने देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ ऑनलाइन चर्चा की। इस दौरान उन्होंने 45000 उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की कि कोविड 19 के इस चुनौती भरे समय को हम अवसर में कैसे बदल सकते हैं। इस दौरान डॉ. निशंक ने कहा – बच्चे हमारे देश के कल के भविष्य हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हम स्कूल-कॉलेज के इन बच्चों के लिए हरसंभव उचित फैसला कर रहे हैं। इसी दौरान मंत्री ने कहा कि फाइनल ईयर के अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को इंटरनल असेसमेंट के आधार पर प्रमोट किया जाएगा। इसे लेकर जल्द ही विस्तृत घोषणा की जाएगी। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं और इसके लिए योजना बनाई जा रही है। इस वेबिनार में डॉ. निशंक ने बताया कि देश की नई शिक्षा नीति तैयार है। जल्द ही इसे लेकर बिल संसद में पास कराया जाएगा और फिर इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दुनिया में ये संभवत: पहली बार होगा कि शिक्षा नीति तैयार करने के लिए करोड़ों लोगों से सुझाव लिए गए। इनमें ग्राम सभाओं से लेकर शिक्षाविदों, राजनेताओं, वैज्ञानिकों, बुद्धिजीवियों, विशेषज्ञों से सुझाव लिए गए। HRD मंत्री ने बताया कि नीट और जेईई परीक्षा के लिए नेशनल अभ्यास ऐप लांच किया गया है, जिससे परीक्षार्थियों को पढ़ाई करने में आसानी होगी। इसे लाखों स्टूडेंट्स ने डाउनलोड कर चुके हैं। बता दें कि HRD मंत्रालय, UGC और अन्य कई जिम्मेदारों ने लॉकडाउन की इस अवधि में स्कूल-कॉलेजों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की। उन्होंने कहा किसी ने सोचा नहीं था कि ऐसा भी समय आएगा जब हमारे छात्र ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे। यहीं चुनौतियों पर अवसर खोजना है। उन्होंने बताया कि दीक्षा और ई पाठशाला ऐप और प्लेटफॉर्म के जरिए करोड़ों लोग लाभ उठा रहे हैं। इसके अलावा दूरदर्शन, ऑल इंडिया रेडियो से लाखों बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here