कोच्चि : पोप फ्रांसिस ने भारतीय नन मरियम थ्रेसिया और चार अन्य को संत घोषित किया। सिस्टर थ्रेसिया के साथ साथ ब्रिटेन के कार्डिनल जॉन हेनरी न्यूमेन, स्विस लेवूमन मार्ग्यूरिट बेस, ब्राजील की सिस्टर डुलस लोप्स और इटली की सिस्टर ग्यूसेपिना वन्नीनी को भी संत घोषित किया गया। केरल के त्रिशुर में 26 अप्रैल 1876 में जन्मी थ्रेसिया को 1904 में मरियम थ्रेसिया नाम से पुकारा जाने लगा। उन्होंने मई 1914 में त्रिशुर में सिस्टरों के समूह होली मिलन की स्थापना की। वेटिकन न्यूज के मुताबिक चर्च ने उन्हें, सम्मानित एवं पूज्यनीय व्यक्ति घोषित किया था। उन्होंने गरीबों की मदद की, बीमारों का ख्याल रखा और बेसहारा लोगों को सहारा दिया। सिस्टर मरियम थ्रेसिया का 50 वर्ष की आयु में 8 जून 1926 को निधन हो गया। वहीं 9 अप्रैल 2000 को पोप जॉन पॉल द्वितीय ने पवित्र आत्मा घोषित किया था।
‘मन की बात’ में मोदी ने किया था जिक्र
पीएम मोदी ने 29 सितंबर को मन की बात में सिस्टर मरियम का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, देश को सिस्टर मरियम पर गर्व है। उन्होंने 50 साल के अपने छोटे से जीवनकाल में मानवता की भलाई के लिए जो काम किए, वे पूरी दुनिया के लिए मिसाल हैं। उन्हें 13 अक्तूबर को पोप फ्रांसिस संत घोषित करेंगे।
थ्रेसिया के होली फैमिली में 2000 नन जुड़ीं
1914 में सिस्टर मरियम थ्रेसिया द्वारा स्थापित होली फैमिली में अब करीब 2000 नन हैं। वेटिकन सिटी की चर्च के मुताबिक सिस्टर मरियम थ्रेसिया ने कई स्कूल, हॉस्टल, अनाथालय और कॉन्वेंट बनवाए और संचालित किए। सिस्टर मरियम को लड़कियों की शिक्षा और उनके सशक्तीकरण के लिए किए गए कामों के लिए भी याद किया जाता है।

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