भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को बताया कि प्रदेश में कोरोना रिकवरी रेट बढ़कर 51 प्रतिशत हो गई है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इंदौर, भोपाल और उज्जैन के लिए ई-पास की जरुरत होगी। ये तीनों जिले रेड जोन में शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर्स को लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाने और गाइडलाइन अनुसार अपने जिलों में छूट देने को कहा है। पहले मध्य प्रदेश का रिकवरी रेट 50 फीसदी से नीचे चल रहा था। इंदौर, भोपाल, उज्जैन से निकलने के लिए ई-पास जरूरी – प्रदेश में ग्रीन जोन से ग्रीन जोन में जाने के लिए ई-पास समाप्त कर दिया गया है, परंतु भोपाल, इंदौर एवं उज्जैन से बाहर निकलने के लिए ई-पास की जरूरत होगी। वहीं दूसरे राज्यों में आने-जाने के लिए भी ई-पास की अनिवार्यता रहेगी। उज्जैन में 6 लाख 34 हजार लोगों की स्क्रीनिंग – उज्जैन में 6 लाख 34 हजार लोगों का स्वास्थ्य सर्वे किया गया है। जिले का नागदा क्षेत्र संक्रमण मुक्त हो गया है। आगामी दो-तीन दिन में ट्रॉमा सेंटर कोविड अस्पताल के रूप में कार्य करना चालू कर देगा। उज्जैन कलेक्टर को 10 और एम्बुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में डिस्चार्ज का नया क्राइटेरिया – एसीएस हेल्थ मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि नए डिस्चार्ज क्राइटेरिया के अनुसार, कोरोना मरीजों को, जिनका स्वास्थ्य सही हो, कोरोना के लक्षण न हों और तीन दिन से बुखार न आ रहा हो तो उन्हें 10 दिन में डिस्चार्ज किया जा सकेगा। इसके पश्चात उन्हें 07 दिन होम आइसोलेशन में रहना होगा। 5 लाख 14 हजार मजदूर मप्र वापस लौटे – अपर मुख्य सचिव आईसीपी केशरी ने बताया कि प्रदेश में अभी तक 122 ट्रेनों एवं हजारों बसों से कुल 5 लाख 14 हजार प्रवासी मजदूर मध्यप्रदेश वापस आ चुके हैं। इनमें से 01 लाख 54 हजार ट्रेन के माध्यम से तथा 03 लाख 60 हजार बसों के माध्यम से प्रदेश आए हैं। प्रदेश में कुल 130 ट्रेनों की आने की संभावना है। प्रदेश के बाहर के करीब 03 लाख 70 हजार श्रमिकों को अन्य प्रदेशों की सीमा तक बसों द्वारा पहुंचाया गया है।

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