इंदौर. मध्य प्रदेश में गुरुवार को कोरोना संक्रमित दूसरे मरीज की मौत हो गई। उसका इलाज एमआरटीबी अस्पताल में चल रहा था। अफसरों ने दोपहर में मरीज की उम्र 35 साल बताई थी, लेकिन देर रात जारी हुए मेडिकल बुलेटिन में उसकी उम्र 65 साल निकली। इससे पहले, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया ने बताया था कि सर्दी, खांसी और सांस लेने में दिक्कत के बाद इस व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मध्य प्रदेश में अब तक इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, भोपाल, ग्वालियर और शिवपुरी में काेरोना संक्रमित सामने आए हैं, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। इससे पहले, बुधवार को उज्जैन की 65 वर्षीय महिला ने इंदौर के एमवाय अस्पताल में दम तोड़ा था।
बुधवार को उज्जैन निवासी महिला की हुई थी मौत
इंदौर में दस कोरोना पॉजिटिव लोगों का इलाज चल रहा था। ये मरीज शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। खास बात यह है कि इनमें से किसी की भी विदेश यात्रा की हिस्ट्री नहीं है। यहां तक कि दो मरीज ऐसे थे जो ज्यादा बाहर निकलते भी नहीं थे और ना ही बीते 14 दिनों में किसी आयोजन में शामिल हुए। मरीजों में दो पुरुष हैं। वे वैष्णोदेवी की तीर्थ यात्रा पर गए थे। हाल ही में लौटे हैं। उधर, उज्जैन की मृत महिला के बारे में पता चला है कि वे कुछ दिनों पहले बेगमबाग में सीएए के विरोध में चल रहे धरने में शामिल हुईं थीं। उनके बेटे ने इस बात की पुष्टि की है।
काेरोना पीड़ित मरीजों का यहां चल रहा इलाज
एमवायएच में रानीपुरा के रहने वाले दो मरीज भर्ती थे। इनमें से एक की मौत हो गई।
सुयश अस्पताल में खजराना की महिला।
शेल्बी अस्पताल में निपानिया निवासी पुरुष।
गोकुलदास में खातीवाला टैंक निवासी महिला।
बाम्बे हास्पिटल में 49, 66 और 68 साल के 3 व्यक्ति।
अरिहंत हास्पिटल में 50 वर्षीय महिला।
पहला मरीज, 49 साल : पूरे समय साथ रहा दोस्त अब हैरान-परेशान
इस मरीज का स्टील व फर्नीचर का काम है। इसकी तबीयत पांच दिन पहले खराब हुई थी। तब एक दाेस्त यूरेका हॉस्पिटल ले गया था। तीन दिन पहले उसे बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती किया था। यह मरीज न दूसरे राज्य में गया न विदेश। काेराेना का पता चलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसकी मां और तीनों बच्चों को घर में ही क्वारैंटाइन कर दिया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ऐसे लोगों की तलाश कर रहा है जो इसके संपर्क में आए थे। दोस्त भी पूरे समय इसके साथ रहा। काेराेना का पता चलने पर वह भी हैरान-परेशान है।
66 व 68 साल के दो मरीज : होली के कार्यक्रम में शामिल हुए
ये दो मरीज भी बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती हैं। दोनों दोस्त 8 मार्च को वैष्णो देवी की यात्रा पर गए थे। वहां से 14 मार्च को लौटे। इस बीच ये किस विदेशी यात्री के संपर्क में आए, इस बात की किसी काे जानकारी नहीं है। बताया जा रहा है कि दोनों होलिकोत्सव के एक कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे। दो-तीन दिन पहले ही दोनों की तबीयत बिगड़ी। सांस लेने में परेशानी हुई तो अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जैसे ही बीमारी का पता चला, परिवार के सभी सदस्यों की जांच करवाई।
चौथी मरीज, 50 साल: शुगर पीड़ित, पांच दिन पहले बिगड़ी थी तबीयत
यह महिला अरिहंत हॉस्पिटल में भर्ती है। बेटे ने बताया कि परिवार में छह लोग हैं। मां कहीं नहीं आती-जाती हैं। उन्हें मधुमेह है। कुछ दिन पहले एक शादी में गए थे। 20 मार्च को उन्हें बुखार और सर्दी-जुकाम हुआ। पास वाले क्लीनिक से दवा लेकर आए। फिर तबीयत बिगड़ी तो 22 मार्च को सेवालय अस्पताल ले गए। सांस तेज चल रही थी। वहां से एमवाय ले जाकर एक्स-रे करवाया। डॉक्टर ने कहा कि घबराने की बात नहीं है। बीपी लो है, शुगर बढ़ गई है। आप भर्ती कर सकते हैं। हम अरिहंत हॉस्पिटल पहुंचे। यहां कोरोना का पता चला।
छह मरीज आपस में रिश्तेदार
एमवाय अस्पताल में भर्ती उज्जैन निवासी इस महिला की मौत हो चुकी है। सर्दी-जुकाम, खांसी और तेज बुखार के बाद सांस लेने में परेशानी हुई तो बेटे ने 22 मार्च को उज्जैन के चैरिटेबल हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था। वहां से माधव नगर अस्पताल शिफ्ट किया। हालत नहीं सुधरी तो एमवाय में भर्ती किया। उनका बेटा फल विक्रेता है। उसने कहा कि मां चल-फिर नहीं सकती थी। इसलिए बाहर ज्यादा आवाजाही नहीं रही। फिर भी कैसे बीमार हो गई? परिवार में पत्नी और दो बच्चे भी हैं। महिला की मौत के बाद उसके पांच रिश्तेदार भी पॉजिटिव पाए गए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here