मुंबई. महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे और विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे ने सोमवार शाम राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद आदित्य ने कहा- हमने राज्यपाल से सरकार गठन के लिए 2 दिन का समय मांगा था, लेकिन उन्होंने हमें यह वक्त नहीं दिया। हालांकि, हमारा सरकार बनाने का दावा अभी खारिज नहीं हुआ है।
इस बीच, शिवसेना के मुखपत्र सामना ने दावा किया कि महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए कांग्रेस और राकांपा ने समर्थन पत्र दिए हैं। लेकिन, कांग्रेस ने कहा कि समर्थन पर फैसला अभी नहीं लिया गया है। पहले राकांपा से चर्चा की जाएगी। इससे पहले सोनिया गांधी ने दिल्ली में पार्टी के आलानेताओं के साथ बैठक की और महाराष्ट्र के विधायकों से फोन पर भी चर्चा की।
सोनिया ने महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायकों से बात की
दिल्ली में चली बैठक के दौरान सोनिया ने जयपुर के होटल में ठहरे महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायकों से फोन पर बात की। राकांपा ने कहा था कि हमारे विधायक शिवसेना को समर्थन देने के पक्ष में हैं, लेकिन कांग्रेस बैठक के बाद जो फैसला लेगी.. वही हमें मंजूर होगा।
भाजपा-शिवसेना 30 साल में दूसरी बार अलग
भाजपा-शिवसेना के बीच 1989 में गठबंधन हुआ था। 1990 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव दोनों दलों ने साथ लड़ा था। 2014 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दल अलग हो गए थे। दोनों दलों ने चुनाव भी अलग लड़ा। हालांकि, बाद में सरकार में दोनों साथ रहे। भाजपा-शिवसेना 30 साल में दूसरी बार अलग हो रहे हैं।
झूठे माहौल में सरकार में क्यों रहें- सावंत
इससे पहले केंद्र में शिवसेना के एकमात्र मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने कहा- शिवसेना का पक्ष सच्चाई है। इतने झूठे माहौल में दिल्ली सरकार में क्यों रहे और इसीलिए मैं केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं। भाजपा शिवसेना के बीच सीटों का बंटवारा 50:50 प्रतिशत तय था। लेकिन नतीजे आने के बाद भाजपा ने कहा कि ऐसे किसी करार पर बात नहीं हुई। अब केंद्र में काम नहीं कर सकता हूं।

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