नायपिटाव। म्यांमार में सुरक्षा बलों ने पिछले महीने के सैन्य तख्तापलट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई को तेज कर दिया है। इस दौरान बुधवार को कम से कम 11 और प्रदर्शनकारियों के मारे जाने की खबर है। आपको बता दें कि आंग सान सू की की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को सत्ता से बाहर करने वाली म्यांमार सेना के खिलाफ प्रदर्शन लगातार जारी है। सुरक्षा बलों ने देश भर के कस्बों और शहरों में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई शुरू कर दी है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने कहा कि रविवार को म्यांमार में कम से कम 18 लोग मारे गए और 30 से अधिक घायल हो गए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस शुक्रवार को म्यांमार के ताजा हालात को लेकर चर्चा होने की भी संभावना है। अमेरिका के अनुरोध के बाद म्यांमार पर चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई जा सकती है। संयुक्त राष्ट्र के एक राजनयिक सूत्र ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सूत्र के मुताबिक सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष ने म्यांमार के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सचिवालय को शुक्रवार सुबह एक बैठक आयोजित करने के लिए कहा है। गौरतलब है कि म्यांमार में सेना ने तख्तापलट कर मौजूदा सरकार को बखार्स्त कर दिया है और देश में एक फरवरी से एक वर्ष के लिए आपातकाल लागू करने की घोषणा की है। सेना के इस कदम के खिलाफ हजारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन कारियों और सेना के बीच हुई हिंसा में अब तक 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
म्यांमार की नेता आंग सान सू की समेत अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया है। सेना ने उनकी पार्टी पर नवंबर में हुए चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता रवीना शमदासानी के एक बयान में कहा गया, “यंगून, डावी, मांडले, म्येइक, बागो और पोकोक्कु में भीड़ में गोलीबारी के कारण मौतें हुईं।” इस बीच, म्यांमार स्थित एक मानवाधिकार समूह का कहना है कि कम से कम 15 पत्रकारों और कैमरा क्रू को मंगलवार के विरोध प्रदर्शनों को कवर करते हुए हिरासत में लिया गया है।

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