बलरामपुर : यूपी के बलरामपुर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक दृश्य सामने आया है। यहां कोरोना संक्रमित चाचा का शव भतीजे ने कुछ लोगों की मदद से शनिवार दोपहर राप्ती नदी में फेंक दिया। नदी में शव फेंकते समय का वीडियो वायरल होने पर अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कराई। पता चला कि एल-टू अस्पताल में भर्ती वृद्ध की देर शाम मौत हुई थी। शनिवार दोपहर उसका भतीजा अंत्येष्टि के लिए ले गया था। सीएमओ की तहरीर पर मृतक के भतीजे व एक अन्य के विरुद्ध महामारी अधिनियम व अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। बलरामपुर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें दो लोग राप्ती नदी में शव फेंकते दिखे, जिसमें एक व्यक्ति ने पीपीई किट पहन रखा था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रांत सह मंत्री अभिषेक सिंह ने वायरल वीडियो अधिकारियों को ट्वीट किया। सीएमओ डॉ. विजय बहादुर सिंह ने मामले की पड़ताल शुरू कराई। जांच में पता चला कि शुक्रवार शाम एल-टू में भर्ती मनकौरा काशीराम गांव निवासी 68 वर्षीय कोरोना संक्रमित प्रेमनाथ मिश्रा की मौत हुई थी। परिजन को सूचना देने की कोशिश की गई, लेकिन फोन बंद था। शनिवार दोपहर सूचना पाकर मनकौरा काशीराम निवासी संजय शुक्ला शव को ले गए। संजय ने अपने को प्रेमनाथ का भतीजा बताया था। एल-टू के नोडल डॉ. एपी मिश्रा के मुताबिक संजय ने बौद्ध परिपथ स्थित राप्ती नदी घाट तक शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस मांगी थी। कुछ लोग स्कार्पियो गाड़ी में बैठकर शव लेने आए थे। एंबुलेंस चालक को शव राप्ती नदी तक पहुंचाने की अनुमति दी गई थी। सीएमओ ने बताया कि मनकौरा काशीराम निवासी संजय शुक्ला व एक अन्य के विरुद्ध शनिवार देर रात कोतवाली देहात में महामारी अधिनियम व आपदा प्रबंधन ऐक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया है। प्रभारी निरीक्षक विद्या सागर वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

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