मुंबई : भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच पद के लिए चली आ रही रस्साकशी आखिरकार शुक्रवार को समाप्त हुई। मुंबई में लगभग शाम सवा छह बजे शुरू हुई प्रेस कांफ्रेंस में एक बार फिर से रवि शास्त्री के नाम पर मुहर लगा दी गई। रवि शास्त्री 2021 तक टीम इंडिया के हेड कोच बने रहेंगे। शुरू से ही कयास लगाए जा रहे थे कि शास्त्री तीसरी बार टीम इंडिया के हेड कोच का पद संभालेंगे और हुआ भी कुछ ऐसा ही। टीम इंडिया के हेड कोच पद के लिए 2 हजार से ज्यादा आवेदन आए थे, जिसके बाद कपिल देव की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय क्रिकेट एडवाइजरी काउंसिल ने 6 लोगों को शॉर्ट लिस्ट किया था। जिसमें तीन भारतीय तो तीन विदेशी उम्मीदवार थे। कपिल देव ने बताया कि कोच के दावेदारों के बीच कड़ी टक्कर रही। माइक हेसन दूसरे और टॉम मूडी तीसरे नंबर पर रहे। सीएसी की सर्वसम्मत राय थी कि मौजूदा कोच का ‘संवाद कौशल और टीम से जुड़े मुद्दों की समझ’ अन्य से बेहतर है। किनसे था शास्त्री का मुकाबला?— शास्त्री का भारतीय टीम के साथ यह चौथा कार्यकाल होगा। वह बांग्लादेश के 2007 के दौरे के समय कुछ समय के लिए कोच बने थे। इसके बाद वह 2014 से 2016 तक टीम निदेशक और 2017 से 2019 तक मुख्य कोच रहे। शास्त्री ने कोच पद की दौड़ में न्यू जीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन, ऑस्ट्रेलिया के टॉम मूडी, भारतीय टीम के अपने साथी रॉबिन सिंह और लालचंद राजपूत को पीछे छोड़ा। वेस्ट इंडीज और अफगानिस्तान के पूर्व कोच फिल सिमन्स निजी कारणों से कोच पद की दौड़ से हट गए थे। रॉबिन, राजपूत और हेसन साक्षात्कार देने के लिए पहुंचे थे जबकि मूडी ने ऑस्ट्रेलिया से स्काइप पर इंटरव्यू दिया। कपिल ने कहा, ‘सभी साक्षात्कार के बाद हमने जो नंबर दिये उस आधार पर नंबर तीन टॉम मूडी थे और न्यू जीलैंड का चतुर युवा लड़का माइक हेसन नंबर दो पर थे। यह काफी करीबी मुकाबला था।’ इसका मतलब है कि राजपूत और रॉबिन सिंह दौड़ काफी पीछे चले गए थे। उम्मीदवारों की मुख्य रूप से पांच मानकों पर परखा गया जिसमें कोचिंग पद्धति, अनुभव, उपलब्धियां, संवाद और आधुनिक उपकरणों का ज्ञान शामिल हैं। ‘बहुत अच्छा’ के लिए 20 अंक दिए गए जबकि ‘अच्छा’ के लिए 15 अंक मिले। औसत को दस और खराब को पांच अंक मिले।

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