नई दिल्ली । कोरोना महामारी के कारण रेहड़ी-पटरी पर सामान बेचने वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) की आजीविका पर बुरा असर पड़ा है, जिस पर गौर करते हुए केंद्र सरकार ने गुरुवार को प्रभावित हुए लगभग 50 लाख वेंडरों को लाभान्वित करने के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की विशेष ऋण सुविधा की घोषणा की। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में कहा कि यह योजना एक महीने के भीतर शुरू की जाएगी। मंत्री ने कहा कि जरूरतमंद विक्रेताओं को 10 हजार रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। हालांकि, यह एक निश्चित राशि नहीं है और बैंकों के परामर्श के बाद ही यह तय होगी। उन्होंने कहा, “मॉनिटरी रिवार्डस (मौद्रिक पुरस्कारों) के माध्यम से डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित किया जाएगा और बेहतर पुनर्भुगतान व्यवहार के लिए वर्धित पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।” मंत्री ने कहा कि पांच हजार करोड़ रुपये की विशेष क्रेडिट सुविधा वाली इस योजना से लगभग 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को लाभ प्राप्त होगा। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड बने है और किसानों को 31 मई तक ब्याज में छूट मिली है। इसके अलावा कृषि के लिए 86,600 करोड़ का लोन की व्यवस्था की गई है। साथ ही सहकारी-ग्रामीण बैंकों को 29500 करोड़ का लोनदिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रवासियों की मदद के लिए राज्यों को 11 हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। साथ ही फसल की खऱीद के लिए 6700 करोड़ की सहायता दी गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रवासियों को मनरेगा के साथ गांवों में रोजगार की व्यवस्था की गई है। 202 रुपये प्रतिदिन मनरेगा की तहत मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब जोखिम क्षेत्र में कार्य करने वाले मजदूरों को ईएसआई का लाभ मिलेगा।
साथ ही असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले मजदूरों को मिलेगा ग्रैच्युटी का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि मजूदरों को नियुक्ति पत्र और न्यूनतम मजदूरी का मिले लाभ, इस पर भी होगा कार्य हो रहा है।

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