बिजनेस डेस्क : विनिर्माण, बिजली सहित ज्यादा क्षेत्रों में सुस्ती के चलते सितंबर में औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) ने तगड़ा झटका दिया। सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने में आईआईपी में 4.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले समान महीने यानी सितंबर, 2018 में आईआईपी में 4.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली थी। आईआईपी में सुस्ती की मुख्य वजह विनिर्माण क्षेत्र रही जिसमें उत्पादन में 3.9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सितंबर 2018 में 4.8 फीसदी की बढ़ोतरी रही थी। बिजली उत्पादन की बात करें तो सितंबर में इसमें 2.6 फीसदी की गिरावट रही, जबकि एक साल पहले समान महीने में 8.2 फीसदी की बढ़त रही थी। खनन उत्पादन में 8.5 फीसदी की बड़ी गिरावट रही, जबकि सितंबर, 2018 में इसमें 0.1 फीसदी की बढ़त देखने को मिली थी।
अगस्त में यह रही थी आईआईपी
अगस्त माह में औद्योगिक उत्पादन 1.1 फीसदी गिर गया था। इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग, बिजली उत्पादन और खनन सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली थी। फरवरी 2013 के बाद यह औद्योगिक उत्पादन में सबसे बड़ी गिरावट कही जा रही है। वहीं एक साल पहले समान महीने यानी अगस्त, 2019 में आईआईपी में 4.8 फीसदी की बढ़ोतरी रही थी। आईआईपी में 77 फीसदी का योगदान करने वाले विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादन में 1.2 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जबकि बीते साल समान महीने में 5.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई थी। वहीं बिजली उत्पादन में 0.9 फीसदी की कमी दर्ज की गई, जबकि अगस्त, 2018 में 7.6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली थी। खनन क्षेत्र की वृद्धि दर सपाट 0.1 फीसदी ही रही। अप्रैल-अगस्त तक की अवधि पर गौर करें तो इस दौरान आईआईपी में 2.4 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जो बीते साल समान अवधि में रही 5.3 फीसदी से खासी कम थी।

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