नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने लघु बचत योजना में निवेश करने वालों को मंगलवार को जोर का झटका दिया है। वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए इन योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दर घटा दी गई है। इसमें 0.70 फीसदी से लेकर 1.4 फीसदी तक की कटौती की गई है। सरकार ने मंगलवार को राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र और लोक भविष्य निधि समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें 2020-21 की पहली तिमाही के लिए 1.4 प्रतिशत तक घटा दी हैं। लघु बचत योजनाओं पर ब्याज तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार एक से तीन साल की मियादी जमा राशि पर ब्याज अब 5.5 प्रतिशत मिलेगा जो फिलहाल 6.9 प्रतिशत है। यानी इस पर ब्याज में 1.4 प्रतिशत की कटौती की गई है। वहीं पांच साल के लिये मियादी जमा पर ब्याज 6.7 प्रतिशत मिलेगा जो फिलहाल 7.7 प्रतिशत है। पीपीएफ पर घटाया ब्याज : वहीं, पीपीएफ पर मिलने वाली ब्याज दर में 0.8 फीसदी की कटौती की गई है, जबकि पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट) पर मिलने वाले ब्याज दर में 1.4 फीसदी की कटौती की गई है। जबकि सुकन्या समृद्धि योजना के ब्याज दर में 0.8 फीसदी की कटौती हुई है। इस घोषणा के बाद पीपीएफ पर अब 7.1% की ब्याज दर मिलेगी, जो पहले 7.9 फीसदी थी। वहीं, नेशनल सेविंग्स स्कीम्स में अब 7.9 फीसदी की बजाय 6.8 फीसदी का ब्याज मिलेगा। सुकन्या समृद्धि योजना में अब 7.6 फीसदी का ब्याज मिलेगा, जो पहले 8.4 फीसदी था। फिक्स्ड इनकम पर आश्रित लोगों खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये किसी झटके से कम नहीं है। ये वर्ग आय के नियमित स्रोत के रूप में ब्याज से मिलने वाली रकम पर निर्भर रहता है। बैंकों ने भी हाल ही में फिक्सड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में कटौती की है।

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