Last rites of MP Nandkumar performed in ancestral village ShahpurThe mortal remains of the late MP reached Shahpur in Burhanpur, 8 ministers  and the Speaker of the Legislative Assembly will be included in the last  visit. | मेडिकल कॉलेज और बुरहानपुरखंडवा : खंडवा-बुरहानपुर के भाजपा सांसद रहे नंदकुमार सिंह चौहान का पार्थिव शरीर बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गया. नंदकुमार सिंह चौहान के खेत में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया. इससे पहले उनके पैतृक गांव शाहपुर में उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, जबलपुर सांसद राकेश सिंह, मंत्री उषा ठाकुर, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव सहित अन्य कई बड़े नेता शामिल हुए.
नंदू भैया की अंतिम यात्रा में शामिल हुए सीएम
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शाहपुर पहुंचते ही सबसे पहले दिवंगत नंदकुमार सिंह चौहान के परिवार को सांत्वना दी. उन्होंने नंदू भैया की दुकान पर बीजेपी का ध्वज लगाया, पुष्प अर्पित किए. सभी नेता अर्थी के पीछे-पीछे थोड़ी दूर पैदल चले, फिर फूलों से सजी गाड़ी में नंदू भैया के शव को रखा गया. शाहपुर की सड़क से नंदू भैया की अंतिम यात्रा निकल रही थी, घर की छतों से लोगों ने पुष्प वर्षा की.
खंडवा से 5 बार के सांसद थे नंदकुमार चौहान
आपको बता दें कि खंडवा-बुरहानपुर से 5 बार के सांसद नंदकुमार सिंह चौहान का मंगलवार को दिल्ली के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया था. इसी दिन उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से एयर एंबुलेंस के जरिए भोपाल भाजपा दफ्तर लाया गया. फिर सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव शाहपुर पहुंचाया गया. उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने मंत्री कमल पटेल, गोपाल भार्गव, संजय पाठक, विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम, मोहन यादव, अरविंद भदौरिया खंडवा पहुंचे थे.
सीएम शिवराज और कमलनाथ ने दी श्रद्धाजंलि
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी सोचा नहीं था कि इतनी जल्दी यह दिन देखना पड़ेगा. वह कार्यकर्ताओं के प्राण थे. दिन-रात जनता की सेवा में जुटे रहने वाले जनसेवक थे. वह निमाड़वासियों के दिल में थे. नन्दू भैया बहुत याद आएंगे. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी बीजेपी कार्यालय में पहुंचकर नंदकुमार सिंह चौहान को श्रद्धांजलि दी. कमलनाथ ने कहा कि वह मेरे साथ राजनीतिक क्षेत्र में रहे. संसद में मेरे साथ रहे. मुझे उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला. काफी दुखी हूं, इस दुख की घड़ी में ईश्वर उनके परिवार को हिम्मत दे.
साल 1978 में शुरू हुआ था राजनीतिक सफर
आपको बता दें कि नंदकुमार सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव हो गए थे. तबसे ही उनकी हालत खराब होती गई. उनका इलाज दिल्ली के मेदांता अस्पताल में चल रहा था. चौहान के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा एवं दो बेटियां हैं. नंदकुमार ने अपना राजनीतिक सफर 1978 में शाहपुर नगर परिषद से शुरू किया था. उसके बाद वह मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायक निर्वाचित हुए. वर्ष 1985 से 1996 तक विधायक रहे. वर्ष 1996 में चौहान पहली बार खंडवा से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए. इसके बाद वह 1998, 1999, 2004, और 2014 और 2019 में भी खंडवा से लोकसभा पहुंचे.

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