कोच्चि : पर्यावरण के मानदंड का उल्लंघन करने वालों को कड़ा संदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रविवार को कोच्चि के मरदु नगरपालिका क्षेत्र में बनी चौथी इमारत को भी गिरा दिया गया। इसके साथ ही झीलों के किनारे स्थित ऊंची इमारतों को ध्वस्त करने की मुहिम पूरी हो गई। 55 मीटर ऊंची गोल्डन कायालोरम का निर्माण तटीय नियमन क्षेत्र के प्रावधानों का उल्लंघन कर किया गया था। यह इमारत चारों अवैध अपार्टमेंट में सबसे छोटी थी जिसे दोपहर करीब ढाई बजे ध्वस्त किया गया। जैन कोरल कोव की ऊंचाई भी 55 मीटर थी, जिसे सुबह 11 बजकर तीन मिनट पर ध्वस्त किया गया। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में इन इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश देते हुए कहा था कि इन चारों इमारतों का निर्माण तटीय नियमन क्षेत्र के प्रावधानों का उल्लंघन कर किया गया था। इमारत को गिराने से पहले दो सौ मीटर के इलाके में चारों तरफ से लोगों को हटा लिया गया था और सभी प्रकार के यातायात को रोक दिया गया था। इसके साथ ही उन चार आलीशान अपार्टमेंट को ध्वस्त कर दिया गया जिनका निर्माण, नियमों का उल्लंघन कर किया गया था और जिसे गिराने के लिए शीर्ष अदालत ने आदेश दिया था। एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर एस सुहास और कोच्चि के पुलिस आयुक्त विजय सखारे ने बताया कि सुनियोजित रूप से इमारत ध्वस्त का अभियान सफल रहा।

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