खेल डेस्क : दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड BCCI के अध्यक्ष पद के लिए पूर्व कप्तान और दिग्गज सौरव गांगुली ने अपना नामांकन भर दिया है। नए अध्यक्ष पद के लिए 47 वर्षीय गांगुली का नाम सबसे आगे चल रहा है क्योंकि वे इकलौते उम्मीदवार हैं। 23 अक्तूबर को BCCI के अध्यक्ष पद के साथ अलग-अलग पदों के लिए भी नाम का औपचारिक तौर पर ऐलान कर दिया जाएगा। नामांकन भरने के बाद गांगुली ने कहा कि वे उस पद पर होंगे जहां से वे टीम और क्रिकेट के लिए बदलाव के कदम उठा सकते हैं, उन्होंने उम्मीद जताई है कि अगले कुछ महीनों से भारतीय क्रिकेट में सकारात्मक बदलाव किए जाएंगे। नामांकन भरने के बाद बीसीसीआई के सदस्य राजीव शुक्ला ने इस बात की जानकारी दी और सौरव गांगुली को अध्यक्ष पद का समर्थन दिया। सोमवार को इसी कड़ी में गांगुली पूर्व अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन, निरंजन शाह और राजीव शुक्ला के साथ मुंबई में BCCI के ऑफिस पहुंचे थे। उनके साथ गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह भी सचिव पद के नामांकन के लिए पहुंचे थे। बीसीसीआई चुनावों के परिणाम का ऐलान 23 अक्तूबर को होगा। मगर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के होने वाले इस चुनाव के लिए नामांकन करने की आखिरी तारीख 14 अक्तूबर दी गई थी। बता दें कि सौरव गांगुली के पास क्रिकेट का लंबा अनुभव है। गौरतलब है कि बीसीसीआई के विभिन्न पदों पर चुने जाने वाले नए अधिकारी 23 अक्तूबर को होने वाला सालाना आम बैठक के बाद अपने पद और जिम्मेदारी संभालेंगे।
गांगुली का प्लान
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली बीसीसीआई के अगले अध्यक्ष बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। नई जिम्मेदारी संभालने से पहले सोमवार को मुंबई में ‘दादा’ ने कहा कि, ‘यह कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है, क्योंकि ऐसे समय में बोर्ड की कमान संभाल रहा हूं, जब उसकी छवि काफी खराब हुई है।’ अपने अध्यक्ष पद पर मुहर को लेकर गांगुली ने सोमवार दोपहर तीन बजे तक इंतजार करने के लिए कहा। अपनी प्राथमिकताओं पर बात करते हुए ‘प्रिंस ऑफ बंगाल’ ने घरेलू क्रिकेटर्स को सही ट्रेनिंग की जरूरत बताई। गांगुली ने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल होगी। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष का इरादा भारतीय क्रिकेट के उन सभी कामों को करना है जो पिछले 33 माह में प्रशासकों की समिति नहीं कर सकी।
जुलाई में छोड़ना होगा पद
47 वर्षीय सौरव गांगुली ने कहा कि निश्चित तौर पर यह बहुत अच्छा अहसास है, क्योंकि मैंने देश के लिए खेला है और कप्तान भी रहा हूं। अध्यक्ष पद की दौड़ में बृजेश पटेल को पछाड़ने के बाद अब दादा इस पद के अकेले उम्मीदवार रह गए हैं। हालांकि कूलिंग ऑफ अवधि के कारण उन्हें जुलाई में पद छोड़ना होगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18000 से अधिक रन बना चुके पूर्व कप्तान ने कहा कि निर्विरोध चुना जाना ही बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। कोलकाता के महाराज नाम से लोकप्रिय दिग्गज खिलाड़ी ने कहा, ‘यह विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा संगठन है और जिम्मेदारी तो है ही, चाहे आप निर्विरोध चुने गए हों या नहीं। भारत क्रिकेट की महाशक्ति है तो यह चुनौती भी बड़ी होगी।’

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