वाराणसी। अपने जन्मदिन पर दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री मंगलवार सुबह करीब साढ़े दस बजे से बीएचयू पहुंचे। प्रधानमंत्री यहां के एम्फीथियेटर मैदान में आयोजित सभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह अपने जन्मदिन के रिटर्न गिफ्ट के तौर पर बनारस को 557 करोड़ रुपये के योजनाओं की सौगातें देंगे।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 68 वां जन्मदिन अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मनाया। हाईटेक हो चुके प्राथमिक विद्यालय नरउर पहुंचकर बच्चों से संवाद किया। जीवन में कामयाबी के गुर बताए। खेलने और खुलकर सवाल पूछने की नसीहत दी।

कहा-“सवाल वह औजार है जो ज्ञान के तमाम दरवाजों को खोलने में मददगार साबित होता है। सवाल पूछने से कभी न डरें, यह सीखने का अहम पहलू है।” विभिन्न तरह के कौशल सीखने की भी सलाह दी और कहा कि जीवन में आगे बढ़ना है तो कौशल जरूरी है। एक बच्चे का कहना था-“मोदी काका ने हमसे कहा है, खेलोगे तो खिलोगे।”

रात करीब 9.30 बजे प्रधानमंत्री ने बाबा विश्र्वनाथ के मंदिर जाकर दर्शन-पूजन भी किया।

प्रधानमंत्री शाम करीब पांच बजे दो दिवसीय प्रवास पर बनारस पहुंचे। उन्होंने काशी में अपना जन्मदिन खास तरीके से सरकारी स्कूल के बच्चों के साथ संवाद कर मनाया। नरउर प्राथमिक पाठशाला पहुंचते ही बच्चों ने भी “स्वागतम-स्वागतम-स्वागतम” गीत गाकर स्वागत किया। पीएम दो चरणों में बच्चों से रूबरू हुए। सबसे पहले उन्होंने “रूम टू रीड” योजना के तहत तैयार पुस्तकालय में 11 बच्चों से दरी पर बैठकर संवाद किया।

इस दौरान बच्चों ने पीएम को जन्मदिन का बधाई संदेश लिखा पोस्टकार्ड दिया और पांव छूकर उनसे आशीर्वाद भी लिया। बच्चों ने पुस्तकालय की उपलब्धता से उनके ज्ञान में हो रही बढ़ोतरी की भी जानकारी दी। बच्चों की प्रतिभा को परखने के लिए मोदी ने एक बच्चे से पोस्टकार्ड पर लिखे संदेश के चंद शब्द फिर से लिखवाए भी। एक सवाल के जवाब में पीएम ने कहा कि डर जैसा कुछ होता नहीं है, गांधी जी का जिक्र करते हुए बोले कि डर लगे तो राम का नाम लें।

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