नई दिल्ली. दुनिया कोरोना वायरस की महामारी का सामना कर रही है। इस बीच प्रधानमंत्री ने गुरुवार को शक्तिशाली जी-20 समूह का आह्वान किया कि वे वैश्विक समृद्धि और सहयोग के केंद्र में आर्थिक लक्ष्य के बजाय मानव को रखें। सरकारी सूत्रों ने बताया कि जी-20 समूह के नेताओं को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए मोदी ने वैश्विक स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ)जैसे संगठनों की क्षमता बढ़ाने के अलावा नया संकट प्रबंधन दिशानिर्देश और प्रक्रिया बनाने की वकालत की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जी-20 को कोरोना वायरस की महामारी के चलते उत्पन्न हालात को देखते हुए गरीब देशों की आर्थिक परेशानी को कम करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण से दुनिया में करीब 21 हजार लोगों की मौत हो चुकी है और चार लाख 70 हजार से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं। मोदी ने पूरे मानवता की बेहतरी के लिए नये वैश्विकरण का आह्वान किया और रेखांकित किया कि चिकित्सा शोध मुफ्त और सभी देशों के लिए उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ का सशक्तिकरण वैश्विक महामारी से मुकाबला करने के लिए टीका विकसित करने के लिए जरूरी था। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ चलिए हम वैश्विक समृद्धि और सहयोग की हमारी परिकल्पना के केंद्र में आर्थिक लक्ष्यों के बजाय मानव को रखें।’’ प्रधानमंत्री ने एक अधिक अनुकूल, उत्तरदायी, सस्ती और मानव स्वास्थ्य सेवा प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया जो स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए विश्व स्तर पर लागू की जा सके।

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