भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में बाढ़ प्रभावित लोगों की तत्परता से सहायता की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत के प्रयासों को अंजाम दिया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के माध्यम से करीब 10 हजार लोगों को सुरक्षित कर दिया गया है। किसी की जान का नुकसान नहीं होने दिया गया है। नौकाएं भी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए सक्रिय हैं। वायुसेना के तीन हेलीकाप्टर कार्य कर रहे हैं। एनडीआरईएफ के चार दल सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। भोपाल कमिश्नर सहित अन्य अधिकारी भोपाल संभाग के बाढ़ प्रभावित इलाकों की निरंतर निगरानी कर रहे हैं। राहत के प्रयासों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने आज प्रात: उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव गृह राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एस.एन. मिश्रा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री मनीष रस्तोगी और अन्य अधिकारियों के साथ प्रदेश में अतिवर्षा की स्थिति की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि होशंगाबाद जिले के वालावेट ग्राम में एक परिवार मूसलाधार बारिश के बाद संकट की स्थिति में आ गया था। इस परिवार को बोट की माध्यम से निकाला गया। परिवार में दो दुधमुंहे बच्चों सहित पांच लोग बाढ़ में फंसे थे। श्रीमती राजकुमारी कीर, श्रीमती आरती कीर, एक तीन वर्षीय बालक, एक पाँच माह की बालिका और एक दो माह की बालिका को सुरक्षित निकाला गया। इस तरह के प्रयास छिंदवाड़ा, बालाघाट, सीहोर, देवास, सिवनी, रायसेन जिलों में भी किए गए हैं। सीहोर जिले के सोमलवाड़ा से परिवारों को एअरलिफ्ट कर शाहगंज पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री ने रातभर जागकर मॉनिटरिंग की : पिछले दो दिन में प्रदेश के 12 जिलों के बाढ़ प्रभावित ग्रामों से 7 हजार से अधिक व्यक्ति बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से बाहर निकाले जा चुके हैं। मुख्यमंत्री निवास में भी नियंत्रण कक्ष स्थापित कर निगरानी रखी जा रही है। मुख्यमंत्री चौहान ने शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि सतत् मॉनिटरिंग भी की। प्रदेश के करीब 400 ग्राम बाढ़ से प्रभावित हैं। आवश्यकतानुसार सेना का सहयोग भी लिया जा रहा है। करीब 10 हजार लोग राहत शिविरों में : मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि नर्मदांचल के कुछ हिस्सों में 20 वर्ष पूर्व हुई अतिवर्षा का रिकार्ड टूटा है। प्रदेश में 170 राहत शिविर लगाए गए जहां करीब 9300 लोग रह रहे हैं। अनेक स्थानों पर कोरोना के संकट को देखते हुए स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी की गई। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं। बचाव दल सक्रिय हैं। प्रदेश में जान का नुकसान नहीं होने दिया गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि वर्ष 1999 की बाढ़ का रिकॉर्ड टूटा है। प्रधानमंत्री मोदी को भी दी जानकारी : मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि प्रदेश के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों की स्थिति के संबंध में प्रधानमंत्री मोदी जी को अवगत करवाया गया है। पूर्व में रक्षा मंत्री को भी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि अतिवर्षा, बाढ़ पर निरंतर नजर रखी जा रही है। युद्धस्तर पर आपदा राहत के कार्य चल रहे हैं। कहीं भी किसी की जान का नुकसान नहीं हुआ है।

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