उज्जैन। अक्षय तृतीया पर बुधवार को 24 घंटे सर्वार्थसिद्धि योग का महासंयोग रहेगा। इस दिव्य योग में दान-पुण्य, मांगलिक कार्य तथा खरीदी विशेष शुभ रहेगी। ज्योतिषियों के अनुसार आखातीज को अबूझ मुहूर्त की संज्ञा दी गई है। महामुहूर्त में विवाह आदि कार्य अक्षय फल प्रदाता माने गए हैं।

ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला के अनुसार अक्षय तृतीया पर दिए गए दान के पुण्य का कभी क्षय नहीं होता है। इसलिए इस दिन जल से परिपूर्ण कलश का पूजन कर वैदिक ब्राह्मण को दान देने से देव व पितृ कृपा प्राप्त होती है। अक्षय मुहूर्त में सोना, चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद, भूमि-भवन, वाहन, वस्त्र, गृह उपयोगी वस्तुएं आदि खरीदने का विशेष महत्व है। इससे वर्षभर माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

बदलेगी ठाकुरजी की दिनचर्या

अक्षय तृतीया से शहर के पुष्टिमार्गीय वैष्णव मंदिरों में ठाकुरजी की दिनचर्या बदलेगी। भगवान को गर्मी से बचाने के जतन शुरू होंगे। भगवान को सूती वस्त्र धारण कराकर मोती के आभूषण का शृंगार किया जाएगा। भोग में शीतल सामग्री परोसी जाएगी। ठंडक के लिए ठाकुरजी के सामने फव्वारे लगाए जाएंगे। आरती में बातियों की संख्या भी कम कर दी जाएगी।

इस्कॉन में चंदन यात्रा

भरतपुरी स्थित इस्कॉन मंदिर में बुधवार सुबह से भगवान मदनमोहनजी, भगवान जगन्नाथ, भगवान नृसिंह देव को मलयगिरी चंदन का लेपन किया जाएगा। सुबह 7.15 बजे होने वाली आरती सुबह 8.30 बजे से होगी। 21 दिन तक भक्तों को चंदन शृंगार के दर्शन होंगे।

बाल विवाह पर रहेगी नजर

अक्षय तृतीया पर शहर में बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह के आयोजन होंगे। विवाह समारोह में बाल विवाह ना हो इसके लिए प्रशासन ने टीम गठित की है। अधिकारी बाल विवाह पर नजर रखेंगे। मामले सामने आने पर परिवार के साथ बाराती तथा पंडित पर केस दर्ज होगा।

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