इंदौर। क्राइम ब्रांच ने ऐसे ठगोरों को पकड़ा है जो सीआईएसएफ और आर्मी के जवान बनकर देशभर में ठगी कर रहे थे। यह गिरोह को ‘टटलू’ के नाम से कुख्यात है और सस्ता सोना, मोबाइल, कार, बाइक बेचने का झांसा देकर ठगी करता है। गिरोह के सदस्य 10 गांवों में बसे हैं और छापा मारने आई पुलिस पर हमला करने से भी नहीं चूकते। पुलिस ने गांवों के बाहर जगह-जगह चेतावनी भरे बोर्ड लगा रखे हैं।

एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र के मुताबिक पकड़े गए बदमाशों का नाम गोकुल पिता राधेलाल निवासी पवनकुंज कॉलोनी कामा जिला भरतपुर(राजस्थान) और विकास पिता रामअवतार कुशवाह निवासी माता का पुरा भिंड है। क्राइम ब्रांच ने एक महीने पूर्व करीब 100 लोगों की शिकायत पर गिरोह के 79 ठगोरों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था

पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि उन्हें वेबसाइट ओएलएक्स के जरिए ठगा गया है। आरोपित खुद को सेना में पदस्थ जवान बताकर मोबाइल, कार और बाइक बेचने के लिए विज्ञापन देते हैं। जैसे ही ग्राहक उनसे संपर्क करता है उसे झांसे में लेने के लिए अपना फर्जी आईडी कार्ड, बॉर्डर के फोटो और भारतीय सैन्य अफसरों के साथ अपने मॉर्फ (सॉफ्टवेयर से बनाए हुए) फोटो भेज देते हैं।

लोग उन पर विश्वास कर उनके द्वारा बताए खातों में बयाने पेटे रुपए जमा करवा देते हैं। दो दिन बाद गिरोह का सदस्य ग्राहक को कॉल कर बताता है कि वह कोरियर कंपनी से बोल रहा है और पार्सल लेकर रवाना हो गया है। वह कहता है कि डिलीवरी के पहले बकाया राशि जमा करानी होगी। ग्राहक उसके झांसे में आकर लाखों रुपए जमा करवा देते हैं।

खुदाई में मिला सोना बेचने के लिए करते हैं फोन

एएसपी(क्राइम) अमरेंद्रसिंह के मुताबिक ठगोरों का ठिकाना राजस्थान में भरतपुर, अलवर जिले के ग्राम कामा, झेंझपुरी, गड़ी, झिलपट्टी, पहाड़ी, डिमरी, जाजमका सहित करीब 15 गांवों और हरियाणा के मेवात में है। सभी गांव पहाड़ी इलाके में बसे हैं और हर घर का सदस्य ठगी करता है। वह सुबह ही मोबाइल लेकर पहाड़ी पर चला जाता है। आरोपित किसी भी अनजान नंबर पर कॉल कर बोलते हैं कि खुदाई के दौरान सोने की ईंट मिली है। ईंट के फोटो भी भेज देते हैं। सस्ता सोना खरीदने के लालच में लोग उनके बताए ठिकाने पर पहुंच जाते हैं और बदमाश उन्हें लूट लेते हैं। इसी तरह कार बेचने का झांसा देकर भी लूटा जाता है।

आरोपित पुलिस पर हमला करने से भी नहीं चुकते। इनके विरुद्ध हरियाणा, पंजाब, छग, मप्र, दिल्ली, उत्तराखंड, तेलंगाना, बंगाल सहित कई राज्यों में केस दर्ज हैं। पिछले दिनों छग पुलिस ने दबिश दी, लेकिन गाड़ियों पर हमला कर दिया। बदमाशों की पुलिस में घुसपैठ है। जैसे ही बाहरी राज्यों की पुलिस टीम उन्हें पकड़ने पहुंचती है, उन तक भी सूचना पहुंच जाती है।

एएसपी के मुताबिक ठग लोगों से ठगी और और लूट करते है इसलिए स्थानीय भाषा में ‘टटलू’ बोलते हैं। सभी कम पढ़े-लिखे हैं, लेकिन फेसबुक, इंस्टाग्राम, ओएलएक्स पर अकाउंट बना रखे हैं। गांव से बाहर नहीं जाना पड़े इसलिए ई-मित्र बना रखे हैं।

 

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