भोपाल. राजधानी भोपाल में पुराने रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को फुटओवर ब्रिज (एफओबी) के रैंप का एक हिस्सा ढह गया। हादसे में 9 लोग घायल हो गए, जिसमें 3 की हालत गंभीर है। दो को हमीदिया अस्पताल और 7 घायलों को चिरायु हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। वहीं, एक यात्री को प्राथमिक उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। रेल एडीजी अरुणा मोहन राव ने बताया कि जिस रैंप का हिस्सा गिरा है वह 1992 में बना था। जानकारी के मुताबिक, हादसा 2-3 नंबर प्लेटफॉर्म पर हुआ। उस वक्त तिरुपति निजामुद्दीन एक्सप्रेस खड़ी हुई थी। फुटओवर ब्रिज के नीचे कुछ स्टॉल भी लगे हुए थे। हादसे के बाद रेलवे प्रशासन ने आम यात्रियों के लिए एफओबी को बंद कर दिया। हादसे के चलते प्लेटफार्म नंबर 2-3 पर आने वाली 18 ट्रेनों को दूसरे प्लेटफार्म पर भेजा गया। एफओबी से प्लेटफॉर्म की ओर जाने वाले रैंप का एक हिस्सा गिरा।
एक परिवार के 5 लोग हादसे में घायल
इस हादसे में जहांगीराबाद में रहने वाले एक परिवार के 5 लोग घायल हुए हैं। परिवार की एक सदस्य आसिमा ने बताया कि हादसे में मरियम गंभीर हैं। हमारा परिवार हैदराबाद से भोपाल आया था। हम प्लेटफार्म नंबर 2 पर ट्रेन से उतरे। फिर रैंप से ऊपर चढ़ने लगे, तभी उसका हिस्सा गिर गया। इसमें मरियम, दब गईं। हमें समझ नहीं आ रहा था कि क्या हुआ। जोर से आवाज हुई और इसके बाद चीख-पुकार मच गई। हमने सामान फेंका और एक-दूसरे को खोजने लगे। जब हादसा हुआ, तक प्लेटफर्म पर ट्रेन खड़ी थी।
रेलवे को एफओबी की जांच के लिए पत्र लिखेंगे: मंत्री पीसी शर्मा
हादसे की सूचना पर स्टेशन पहुंचे जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा- रेल मंत्री पीयूष गोयल को कमलनाथ जी पत्र लिखेंगे कि भोपाल रेलवे स्टेशन समेत सभी स्टेशनों के एफओबी की जांच कराई जाए। उन्होंने बताया कि सरकार ने गंभीर घायलों को 50 हजार और चोटिलों को 10 हजार की मदद देगी।
रेलवे को दी गई थी एफओबी के जर्जर होने की जानकारी
घटना में रेलवे की लापरवाही सामने आ रही है। कैंटीन संचालक रमेश के मुताबिक, उसने स्टेशन मास्टर से रैंप और ब्रिज के कमजोर होने और उसका हुक निकल जाने की जानकारी दी थी। लेकिन रेलवे ने शिकायत को अनसुना कर दिया। हालांकि रेलवे अधिकारी ने इस बात से इंकार किया है कि उन्हें रैंप जर्जर होने की जानकारी दी गई थी।

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