भोपाल। भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्री संतोष शर्मा ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री कमलनाथ प्रदेश में फर्जी मतदाताओं की झूठी शिकायत कर चुनाव आयोग और जनता को गुमराह करने की कोशिश की जिसे चुनाव आयोग ने जांच में पूरी तरह निराधार पाया। विधि प्रकोष्ठ ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री कमलनाथ द्वारा तथ्यहीन आरोप लगाए जाने के विरूद्ध चुनाव आयोग में शिकायत कर कठोर कार्यवाही की मांग की।
श्री शर्मा ने बताया कि श्री कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में 60 लाख फर्जी मतदाता होने एवं चार विधानसभा नरेला (भोपाल), सिवनी मालवा, होशंगाबाद, भोजपुर (रायसेन) विधानसभा क्षेत्र में अवैधानिक रूप से बडी संख्या में मतदाता सूची में फर्जी नाम जुड़वाए जाने की शिकायत चुनाव आयोग के समक्ष की थी, जिसे चुनाव आयोग ने जांच में आधारहीन एवं तथ्यहीन पाया। जिससे यह साबित होता है कि श्री कमलनाथ जनता में भ्रम का वातावरण पैदा करना चाहते है।
उन्होंने कहा कि जब-जब कांग्रेस पराजय बोध से ग्रस्त होती है तो वह तथ्यहीन आरोप लगाती है। लोकसभा एवं बीते विधानसभा चुनाव में जिस तरह भाजपा की विजय यात्रा आगे बढ़ी है, कांग्रेस वोटिंग मशीन और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करती है लेकिन जनता कांग्रेस को पूरी तरह जान चुकी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कांग्रेस पूरी तरह भाजपा की जीत को लेकर डरी हुई है और वह उलजुलूल आरोप लगा रही है। कांग्रेस ने जिस तरह फर्जी मतदाताओं के संबंध में चुनाव आयोग को दिग्भ्रिमित करने का प्रयास किया वह भारतीय दंड विधान की धारा 177, 178, 182, 193, 465, 466 और 471 तथा लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 146 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। विधि प्रकोष्ठ ने चुनाव आयोग को श्री कमलनाथ की शिकायत कर उन पर कठोर कार्यवाही करने की मांग की है।
प्रतिनिधि मंडल में प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्री संतोष शर्मा के साथ श्री प्रमोद सक्सेना, श्री इन्द्रजीत सिंह राजपूत, श्री दीपक खरे, श्री श्रेयराज सक्सेना, श्री हरिवल्लभ शर्मा आदि उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here