भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी का 91 वर्ष की उम्र में रविवार सुबह 11:24 बजे निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। कैलाश जोशी के निधन से मध्य प्रदेश भाजपा में शोक की लहर छा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विभिन्‍न पार्टियों के शीर्ष नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। भोपाल में मौजूद भाजपा के वरिष्ठ नेता यह खबर मिलने के बाद अस्पताल पहुंच गए। उनकी पार्थिव देह को भोपाल में प्रदेश भाजपा कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। सीएम कमलनाथ, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और अन्‍य नेताओं ने पार्थिव देह पर पुष्‍पचक्र अर्पित किए। यह बात सामने आ रही है कि सोमवार को देवास जिले के हाटपिपल्या में उनका अंतिम संस्कार होगा। मध्‍यप्रदेश में तीन दिन और छत्तीसगढ़ में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के निधन पर मध्‍यप्रदेश सरकार ने राजकीय शोक घोषित किया है। 24 से 26 नवंबर तक राजकीय शोक रहेगा। इस दौरान सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। सरकारी स्तर पर कोई भी मनोरंजन वाला कार्यक्रम नहीं होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने रविवार शाम को सभी कलेक्टरों को यह आदेश जारी कर दिए। कैलाश जोशी मध्य प्रदेश के पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री थे, 26 जून 1977 से 17 जनवरी 1978 तक सीएम पद पर रहे। वे जनसंघ के समय संगठन को मध्य प्रदेश में मजबूत करने के लिए काम करते रहे। 1955 में कैलाश जोशी पहली बार हाटपीपल्या नगर पालिका अध्यक्ष रहे, इसके बाद 1962 से निरंतर देवास जिले के बागली से विधायक रहे। 1951 में वे भारतीय जनसंघ की स्थापना के सदस्य भी रहे। इमरजेंसी के दौरान करीब एक महीने तक वे भूमिगत रहे इस दौरान 28 जुलाई 1975 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद उन्हें 19 महीने तक नजरबंद रखा गया। सीएम बनने के बाद 1978 में स्वास्थ्य खराब होने की वजह से उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था। वे भोपाल से सांसद भी रहे और मध्य प्रदेश के मुद्दों को संसद में उठाया। कैलाश जोशी के बेटे दीपक जोशी शिवराज सिंह चौहान की सरकार में मंत्री भी रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here