नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ने कराड जनता सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई ने आज इसकी जानकारी दी। रिजर्व बैंक के मुताबिक 7 दिसंबर को जारी हुए एक आदेश में सहकारी बैंक पर बैंकिंग कारोबार करने पर रोक लगा दी है। ये रोक 7 दिसंबर को कारोबारी समय खत्म होने के साथ ही लागू हो गई है। अपने आदेश में रिजर्व बैंक ने सहकारी बैंक के लाइसेंस रद्द करने की वजह गिनाते हुए कहा है कि बैंक के पास न ही तो जरूरी पूंजी मौजूद है और न ही आगे आय की कोई संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसी स्थिति में बैंक कारोबार के लिए जरूरी नियमों का पालन करने में असफल है। इसके साथ ही बैंक का कारोबार जारी रहने से जमाकर्ताओं के हितो पर असर देखने को मिल सकता है। वहीं बैंक की अपनी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वो मौजूदा जमाकर्ताओं को पूर्ण भुगतान कर सके। रिजर्व बैंक के मुताबिक अगर बैंक आगे भी कारोबार जारी रखता तो इससे जमाकर्ताओं के हितों पर बुरा असर पड़ सकता है। रिजर्व बैंक के आदेश के बाद कराड जनता सहकारी बैंक अब कोई भी बैंकिंग कारोबार नहीं कर सकेगा। इसमें जमा स्वीकारने सहित कई अन्य बैंकिंग कामकाज शामिल हैं। बैंक के लाइसेंस को रद्द करने के बाद और बैंक की दिवाला प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीआईसीजीसी एक्ट 1961 के तहत जमाकर्ताओं के पैसे लौटाने का कार्य शुरू किया जाएगा। दिवाला प्रक्रिया के बाद सभी जमाकर्ताओं को 5 लाख रुपये की सीमा तक रकम डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन से मिल सकेगी। रिजर्व बैंक का अनुमान है कि बैंक के 99 फीसदी जमाकर्ताओं को डीआईसीजीसी से अपनी पूरी जमा रकम मिल जाएगी। दक्षिण महाराष्ट्र में स्थित इस बैंक की कुल 29 शाखाएं हैं और इसके करीब 32 हजार सदस्य हैं।

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