अयोध्या : अयोध्या में राम मंदिर के लिए होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम की शुरुआत कल से हो गई है. अयोध्या में जहां रामलला के भव्य मंदिर की आधारशिला रखने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंच रहे हैं तो वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ खुद तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं. मंदिर को लेकर तैयारियों के संबंध में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चंपत राय ने बताया कि देशभर के 135 संतों को आमंत्रित किया गया है. भूमि पूजन कार्यक्रम में देश के हर हिस्से के लोगों की भागीदारी होगी. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश ने कहा है कि पांच अगस्त भारत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हो गया है क्योंकि इस दिन ही पिछले साल केन्द्र की बीजेपी सरकार ने अनुच्छेद 370 एवं धारा 35 (ए) को निरस्त किया था और इसी दिन अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम होने जा रहा है. बीजेपी के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा, ‘‘ठीक एक वर्ष पूर्व भारत की संसद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के माथे से अनुच्छेद 370 और धारा 35 (ए) को हटाकर एक कलंक को मिटाते हुए राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत किया था, वहीं कल पांच अगस्त को अयोध्या में प्रधानमंत्री के कर-कमलों से होने जा रहे भूमिपूजन से देश की सांस्कृतिक एकात्मता मजबूत होगी.’’ अयोध्या नगरी को बुधवार पांच अगस्त का इंतजार है, जब राम मंदिर निर्माण की शुरूआत भूमि पूजन से होगी. हर ओर पुलिस के बैरियर, पीले बैनर, दीवारों पर नये पेंट का नजारा और भजन—कीर्तन है तथा हर कोना भक्तिरस से सराबोर दिख रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा तमाम बडे राजनेता और साधु संतों सहित 175 आमंत्रित लोग इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे. कोरोना वायरस के प्रसार को लेकर चिन्तित प्रशासन लोगों को अयोध्या आने से बचने को कह रहा है. जनता से अपील की गयी है कि वे घरों में ही रहकर यह उत्सव मनायें. भूमि पूजन कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा. अयोध्या में राममंदिर के शिलान्यास समारोह से पहले ‘दीपोत्सव’ के मौके पर दीपक जलाए गए. शहर को लाइटों से जगमग किया गया. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अयोध्या में राममंदिर निर्माण हेतु भूमि पूजन और शिलान्यास के अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री आवास को घी के 5100 दीयों से प्रकाशित किया जायेगा. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने मंगलवार को कहा कि भगवान राम सबके हैं और ऐसे में बुधवार को अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए होने जा रहा भूमि पूजन राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का कार्यक्रम बनना चाहिए. कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने एक बयान में कहा, ‘‘दुनिया और भारतीय उपमहाद्वीप की संस्कृति में रामायण की गहरी और अमिट छाप है. भगवान राम, माता सीता और रामायण की गाथा हजारों वर्षों से हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक स्मृतियों में प्रकाशपुंज की तरह आलोकित है.’’ लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा है कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर माननीय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा श्री राम मंदिर का भूमिपूजन हो रहा है, सिर्फ मेरे लिए ही नहीं समस्त भारतीय समुदाय के लिए यह क्षण ऐतिहासिक और भावपूर्ण है. इस शुभ अवसर पर मैं उन सभी संतों, नेताओं और देश-विदेश के जनमानस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता हूं जिन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन में मूल्यवान योगदान और बलिदान दिया. अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन की पूर्व संध्या पर विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने मंगलवार को उन लोगों पर निशाना साधा, जो भूमि पूजन के मुहूर्त को लेकर सवाल उठा रहे हैं. आलोक कुमार ने कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के अध्यक्ष सहित तमाम विद्वानों से अच्छी से अच्छी सलाह इस बारे में ली गयी है. आलोक कुमार की यह प्रतिक्रिया कार्ति चिदंबरम के 30 जुलाई के एक ट्वीट के बाद आयी है, जिसमें शिवगंगा से इन कांग्रेस सांसद ने कहा है कि राम मंदिर भूमि पूजन के मुहूर्त के ज्योतिषीय मायने क्या हैं ? बुधवार मध्याहन 12 बजे से दोपहर डेढ बजे तक राहु कालम है. इस अवधि में कोई भी पवित्र कार्य नहीं शुरू किया जाता. अयोध्या में बुधवार को राम मंदिर के भूमि पूजन समारोह के मद्देनजर कर्नाटक में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य में कई स्थानों पर निषेधाज्ञा लागू की गई है. जिन स्थानों पर सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है उनमें कलबुर्गी, कोडागु, धारवाड़ और मंगलुरु शामिल हैं. कर्नाटक के गृह मंत्री बासवराज बोम्मई ने अयोध्या में ‘भूमि पूजन’ से पहले मंगलवार को गृह विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की. गुजरात कांग्रेस के नेता हार्दिक पटेल ने मंगलवार को घोषणा की कि वह और उनका परिवार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 21 हजार रुपये का दान देगा. यहां जारी एक बयान में गुजरात की कांग्रेस इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष पटेल ने कहा कि हालांकि उन्हें धर्म में ‘असीम विश्वास’ है लेकिन वे ‘कट्टरपंथी’ नहीं हैं और उम्मीद करते हैं कि मंदिर देश में ‘राम राज्य’ की शुरुआत करेगा. पटेल का यह बयान अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम की पूर्वसंध्या पर आया है. विपक्षी दल के 26 वर्षीय नेता ने कहा, ‘ मैं आशा करता हूं कि मंदिर भारत और गुजरात में राम राज्य लाएगा.’ योगी सरकार में मंत्री चौधरी उदयभान सिंह के घर राम मंदिर निर्माण के उपलक्ष्य में रामचरित मानस पाठ चल रहा है. खुद मंत्री हारमोनियम बजाते हुए देखे गए. उन्होंने पूरे घर और गली में की लाइटिंग की है. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने राम मंदिर के शिलान्यास समारोह से पहले दीपक जलाकर पूजा अर्चना की. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास समारोह से पहले ‘दीपोत्सव’ के तहत अपने सरकारी आवास पर मिट्टी के दीपक जलाए. राज्य के कई प्रशासनिक अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल भूमि पूजन के लिए अयोध्या जाएंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के शिलान्यास वाली पट्टिका का अनावरण करेंगे और इस अवसर पर स्मारक डाक टिकट जारी करेंगे. राम जन्मभूमि मंदिर’ के शिलान्यास समारोह से पहले देशभर में जश्न का माहौल है. जगह-जगह दीप जलाए जा रहे हैं. सरयू तट पर भी दीप जलाए गए हैं. सिर्फ राम की पैड़ी नहीं बल्कि पूरा शहर दीपों से जगमगा रहा है. हनुमान गढ़ी जाने वाला रास्ता फूलों से सजाया गया. इसी बीच प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ की आधिकारिक तौर पर जानकारी दी गई है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल अयोध्या में ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर’ के शिलान्यास समारोह में सार्वजनिक समारोह में शामिल होंगे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत अयोध्या पहुंचे. कल अयोध्या में राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे. कर्नाटक सरकार ने कहा है कि बुधवार को राज्य के सभी मंदिरों में विशेष पूजा और प्रार्थना होगी. इसी दिन अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होगा. कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को एक परिपत्र जारी कर मंदिरों से अयोध्या में सफलतापूर्वक भूमि पूजन, राम मंदिर निर्माण का काम पूरा होने तथा देश के लोगों के कल्याण के लिए कोरोना वायरस के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए विशेष पूजा तथा प्रार्थना आयोजित करने को कहा है. ओवैसी के बयान पर बाबा राम देव ने कहा कि यह देश किसी एक का नहीं है. ओवैसी के DNA में भी राम ही निकलेंगे. राम सबके हैं. वो कौन होते हैं पीएम मोदी को बताने वाले कि वह कहां जा सकते हैं और कहां नहीं ……   बाबा रामदेव ने कहा है कि कुछ लोग कहते हैं राम काल्पनिक पात्र हैं, लेकिन आप सोचो जिनकी सभ्यता हजारों साल से हैं वो क्या काल्पनिक हो सकता है. राम मजहबों और राष्ट्र की सीमा से परे हैं. वह पूर्ण हैं. वह पूरी दुनिया के रोल मोडल हैं. बाबा रामदेव ने कहा है कि राम सबके हैं. आज देश के करोड़ो घरों में खुशी के दीप जलेंगे. जिस रूप में हम राम को मानें, वह हमारे. हम सबके पूर्वज राम हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व विचारक के. एन. गोविंदाचार्य ने मंगलवार को कहा कि भारतीय राजनीति का ‘मुख्य रंग अब हिंदुत्व’ हो गया है और ‘समाजवाद’ और‘धर्मनिरपेक्षता’ राजनीति के केंद्र बिंदु नहीं रह गये हैं. अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर के भूमि पूजन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने से एक दिन पहले गोविंदाचार्य ने इसके महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय राजनीति के हिंदुत्व की जड़ों की ओर लौटने का प्रतीक है, जो 2010 के बाद से मजबूत होने से पहले दशकों तक हाशिये पर पड़ा हुआ था. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह में गुजरात के सात धर्मगुरुओं को आमंत्रित किया गया है. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उनमें से पांच सोमवार को यहां से लखनऊ जाने वाली उड़ान से गए और बुधवार को होने वाले कार्यक्रम के लिए अयोध्या पहुंच चुके हैं. उन्होंने बताया कि स्थानीय विहिप नेताओं ने अहमदाबाद हवाई अड्डे पर उनका अभिनंदन किया. आमंत्रित किये गये धार्मिक नेताओं में आणंद जिले के सरसा गुरुगाड़ी के अविचलदासजी महाराज, राजकोट के स्वामी परमात्मानंदजी महाराज, प्रणामी सम्प्रदाय के आचार्य कृष्णमणि महाराज, अहमदाबाद के संत सवैयानाथ धाम के शंभूनाथ टुंडिया, छरोदी गुरुकुल के माधवप्रियदासजी स्वामी, बीएपीएस स्वामीनारायण संप्रदाय के महंत स्वामीजी और विश्व हिंदू परिषद, अहमदाबाद के अखिलेश्वर दासजी महाराज शामिल हैं. अयोध्या में होने वाले कार्यक्रम पर यूपी डीजीपी एचसी अवस्थी ने कहा कि अयोध्या में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. खुफिया एजेंसियों के मिले इनपुट के आधार पर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था अयोध्या के साथ-साथ पूरे प्रदेश में किया गया है. 15 अगस्त तक पूरे प्रदेश में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. अयोध्या की सुरक्षा की मॉनिटरिंग खुद अधिकारी कर रहे हैं. 5 अगस्त को राम मंदिर शिलान्यास में शामिल होने के लिए संत अयोध्या पहुंचे. सभी संतों ने हनुमान गढ़ी मंदिर और सरयू नदी की पूजा की. राम मंदिर आंदोलन से जुड़े मेरठ के 101 साल के रंजीत सिंह को राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए बुलावा आया है. स्वस्थ ठीक न होने के कारण रंजीत सिंह अयोध्या नहीं जाएंगे. रंजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने अयोध्या यहीं बना रखी है. मेरठ के रहने वाले 101 साल के रंजीत सिंह को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और विश्व हिन्दू परिषद के नेता चंपत राय ने खुद फोन करके निमंत्रण दिया है. परिवार के लोगों का कहना है कि स्वस्थ ठीक नहीं है इसलिए वो अयोध्या नहीं जा पाएंगे.बता दें कि, मेरठ के रहने वाले रंजीत सिंह श्रीराम मंदिर आंदोलन से शुरू से जुड़े रहे और आरएसएस के कार्यकर्ता रहे. राम मंदिर आंदोलन में 90 और 92 में तीन बार जेल भी गए लेकिन श्रीराम मंदिर आंदोलन से कभी पीछे नहीं हटे. मोहन भागवत अयोध्या के लिए रवाना हो गए हैं. वह लखनऊ से बाई रोड अयोध्या रवाना हुए हैं. वह राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में आमंत्रित हैं. पांच अगस्त को होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम के लिये भगवान राम की नगरी अयोध्या को ‘दुल्हन’ की तरह सजाया गया है. भव्य राम मंदिर निर्माण के लिये होने वाले इस एतिहासिक भूमि पूजन कार्यक्रम में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे. राज्य की राजधानी लखनऊ तथा अन्य पडोसी जनपदों से अयोध्या जाने वाली अधिकतर सड़कें भगवान राम के प्रस्तावित मंदिर और राम लला के बड़े-बड़े पोस्टरों, बैनरों और होर्डिंग से सजी हैं. अयोध्या जाने वाले वाहनों की जांच उससे पहले पड़ने वाले जिले बाराबंकी से ही शुरू हो जाती है और रास्ते में चार स्थानों पर सख्त जांच की जा रही है. अयोध्या में प्रवेश करने वाले वाहनों में सवार लोगो के मोबाइल नंबर और वाहनों का पूरा ब्यौरा भी पुलिसकर्मी नोट कर रहे हैं. अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के शिलान्यास की खुशी श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा में भी दिखाई दे रही है. पांच अगस्त को कृष्ण जन्मस्थान पर स्थित भगवान केशवदेव भगवान राम के रूप में ही दर्शन देंगे क्योंकि कान्हा के गांव में भी उस प्रकार के उल्लास का माहौल है जैसा कि अयोध्या में नजर आ रहा है. श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने इसकी जानकारी दी है. संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि ये तय किया गया है कि मथुरा में भी अयोध्या की ही तरह राम मंदिर के शिलान्यास जैसे कई प्रकार के आयोजन किए जाएंगे. श्रीकृष्ण की पुण्य जन्मभूमि ऐसे दिव्य अवसर की साक्षी-सहभागी बनेगी और जो भक्तजन अयोध्या धाम नहीं जा पाए हैं वे उस आनन्द को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर ही प्राप्त कर सकेंगे. वाराणसी में हर ओर राम नाम की धूम दिखाई दे रही है. राम मंदिर भूमि पूजन की पूर्व संध्या पर काशी में दीप जलाए जाएंगे. आज शाम काशी में घाट किना और घरों में दीप जलेंगे. वहीं इसी बीच दलित महामंडलेश्वर स्वामी कन्हैया प्रभु नंदन गिरि अयोध्या पहुंच चुके हैं. राम मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में नहीं बुलाए जाने पर स्वामी कन्हैया प्रभुनंदन गिरि ने नाराजगी जताते हुए इसे दलितों की उपेक्षा करार दिया था. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने आज अपने भोपाल स्थित आवास पर हनुमान चालीसा के पाठ का आयोजन किया. पाठ के बाद पत्रकारों से बातचीत में कमलनाथ ने कहा कि हम मध्य प्रदेश की जनता की ओर से 11 चांदी की ईंट अयोध्या भेज रहे हैं. ये ईंटे कांग्रेस सदस्यों ने दान देकर खरीदी हैं. उन्होंन यह भी कहा कि हम राजीव गांधी जी को प्रणाम करते हैं, जिन्होंने ताले खोले थे. वहीं से ये राम मंदिर की कथा शुरू होती है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आज शाम तक अयोध्या पहुंच जाएंगे. कल सीएम योगी पीएम मोदी के साथ राम मंदिर भूमि पूजन के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. इससे पहले कल सीएम योगी ने अयोध्या पहुंचकर कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया था. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंच गए हैं. मोहन भागवत कल पीएम मोदी के साथ राम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे. इसके बाद वह भाषण भी देंगे. भूमि पूजन के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया है.कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने लिखा है, ‘’सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनवद्धता, दीनबंधु राम नाम का सार है. राम सबमें हैं, राम सबके साथ हैं. भगवान राम और माता सीता के संदेश और उनकी कृपा के साथ रामलला के मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का अवसर बने.’’

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