भोपाल. भोपाल में गुरुवार को सुबह 20 नए पॉजिटिव केस मिले। अशोका गार्डन इलाके में एक ही परिवार के 8 महीने के बच्चे समेत 4 लोग संक्रमित पाए गए। अब भोपाल में कोरोना संक्रमितों की संख्या 323 हो गई है। इससे पहले राजधानी में बुधवार की शाम राहत देने वाली खबर आई। चिरायु अस्पताल में भर्ती 44 मरीज एक साथ ठीक होकर घर भेजे गए। अब तक भोपाल में 78 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। उधर, शहर की प्रोफेसर काॅलोनी को संक्रमण मुक्त घोषित कर दिया गया है। यहां पर 25 दिन से कोई नया केस नहीं मिला है। जबकि दो दिन में भोपाल में 850 सैंपल की जांच रिपोर्ट में केवल 15 पॉजिटिव मरीज मिले।
850 सैंपल में केवल 15 पॉजिटिव मिले
बुधवार को बताया गया कि 850 सैंपल की जांच रिपोर्ट में केवल 15 पॉजिटिव पाए गए। इनमें 450 सैंपल की जांच रिपोर्ट दिल्ली से आई है। 300 सैंपल की जांच भोपाल की लैबों में की गई। ये भोपाल के लिहाज से अच्छे संकेत हैं। सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि दिल्ली भेजे गए 2988 सैंपल में 1280 की रिपोर्ट आ गई है।
बिना मास्क के किराना बेचने पर एफआईआर होगी
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए अब प्रशासन और पुलिस सख्ती करेगी। बिना मास्क, गमछा, रूमाल नहीं बांधने पर किराना दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने बताया कि सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उनके आवंटित क्षेत्रों में कोई भी दुकानदार-स्टोर संचालक बिना मास्क, ग्लव्स के किराना सामान विक्रय नहीं करेगा। यदि कोई भी दुकानदार/स्टोर संचालक अथवा उनके डिलीवरी बॉय /स्टाफ बिना मास्क के खाद्य सामग्री वितरित करते पाए गए तो संबंधित पर और उनके संचालक पर धारा 188 अंतर्गत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
बैंकों में भीड़ न लगे, इसलिए 8 लाख लोगों घर पहुंचाएंगे जन-धन की राशि
भोपाल जिला प्रशासन ने लोगों का जन-धन की 500 रुपए की राशि डोर-टू-डोर भेजने का निर्णय लिया है। इसके लिए 520 बैंक ब्रांच के बिजनेस करस्पोंडेंट और 174 पोस्ट ऑफिस के पोस्टमैन की मदद ली जाएगी। नगर निगम को वार्ड स्तर पर राशि पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसा इसलिए किया गया है, जिससे बैंकों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग भूलकर लोग लंबी-लंबी कतार में न खड़े हों। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ रहा था, इसलिए कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने ये फैसला किया। प्राइवेट हॉस्पिटल नहीं खुलें तो लाइसेंस निरस्त करें : इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश दिए हैं कि अगर प्राइवेट अस्पताल नहीं खुले मिलते हैं तो उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर एक टीम बनाकर दि‍खवाएं कि प्राइवेट अस्पताल खुल रहे हैं या नहीं।

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